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साल 2008 शुभ रहा बॉलीवुड (Bollywood)

बॉलीवुड के नए नवेलों के लिए यह साल खासा अच्छा रहा। वह सिनेमा के रुपहले पर्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही बॉक्स आफिस पर भी अपनी सफलता के झंडे गाड़ने में कामयाब रहे।

बॉलीवुड में इस साल कदम रखने वाले सभी नए चेहरे सफल नहीं रहे कुछ को भारी धूम-धड़ाके के साथ रुपहले पर्दे पर पेश किया गया लेकिन एक फिल्म के बाद ही उनका नशा उतर गया और उन्हें दर्शकों की कुछ खास तवज्जो हासिल नहीं हुई। आमिर खान के भानजे इमरान खान ने अपने चाकलेटी चेहरे और 'जाने तू या जाने ना' में मासूम अभिनय से कामयाबी हासिल की।

हालाँकि रितिक रोशन के चेहरे-मोहरे वाले हरमन बावेजा के लिए रुपहला पर्दा उतना खुशगवार नहीं रहा और पिता हैरी बावेजा के लाख प्रयास के बावजूद हरमन फिल्म उद्योग में अपनी जड़ें फिलहाल तो नहीं जमा पाए। प्रियंका चोपड़ा के साथ हरमन की करोड़ों रुपए की लागत से बनी फिल्म 'लव स्टोरी 2050' बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी।

प्रियंका और हरमन के बीच कुछ-कुछ होने के बावजूद दर्शकों ने इन दोनों को एकदम नकार दिया। हरमन रितिक का हमशक्ल होने को अपना सबसे बड़ा गुण मान रहे थे और उसी के अनुसार उन्होंने डांस में भी महारत हासिल की थी, लेकिन यही बात उनकी सबसे बड़ी कमी बन गई और वे चारों खाने चित हो गए।

वर्ष 2008 में फरहान अख्तर छुपे रुस्तम साबित हुए और उनकी लीक से हटकर बनाई गई फिल्म 'राक ऑन' को बेहद पसंद किया गया। फरहान अख्तर को अब तक दिल चाहता है फिल्म के लिए जाना जाता है और उन्होंने 'डॉन' का रीमेक बनाने का जोखिम भी उठाया था।

'राक ऑन' बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई। फिल्म के निर्देशक अभिषेक कपूर ने भी इस फिल्म के साथ फिल्मी दुनिया में पहली बार कदम रखा था और दर्शकों ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया।

एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक 'कसम से' में दबी सहमी बानी का किरदार निभाने वाली प्राची देसाई ने भी 'राक ऑन' से अपने फिल्मी जीवन की सफल शुरुआत की।

टेलीविजन की दुनिया के मशहूर सितारे राजीव खंडेलवाल ने भी फिल्म 'आमिर' के साथ रुपहले पर्दे पर एंट्री मारी। कम बजट की इस फिल्म में राजीव के अभिनय की खासी तारीफ हुई। मॉडलिंग से फिल्मों में आईं सोनल चौहान ने 'जन्नत' के जरिये फिल्मी दुनिया में दस्तक दी। फिल्म हिट हो गई और साथ ही सोनल भी। सोनल के अभिनय की खूब सराहना हुई।

शाहरुख खान का नाम हिट की गारंटी माना जाता है। पिछले वर्ष 'ओम शांति ओम' के जरिये दीपिका पादुकोण को सफलतापूर्वक फिल्म जगत में प्रवेश दिलाने के बाद शाहरुख ने इस वर्ष यश राज की 'रब ने बना दी जोड़ी' के जरिये अनुष्का शर्मा के खाते में सफलता लिख दी। आमिर खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'गजनी' में भी नए चेहरे के रूप में आसीन तोटुमकल अपनी किस्मत आजमाने जा रही हैं।

युवा निर्देशकों के लिए भी यह साल खासा अच्छा रहा। अब्बास टायरवाला 'जाने तू या जाने ना', नीरज पांडे 'ए वैडनसडे', अभिषेक कपूर 'राक ऑन', राज कुमार गुप्ता 'आमिर', कुनाल देशमुख 'जन्नत' और तरुण मनसुखानी 'दोस्ताना' ने जनता की वाहवाही बटोरकर सिनेमा जगत का भविष्य उज्ज्वल होने का संकेत दिया।

नए निर्देशकों ने आतंकवाद, मैच फिक्सिंग और समलैंगिकता जैसे समसामयिक विषयों को चुनकर प्रभावशाली फिल्में बनाईं। कुछ ने पुराने विषयों पर ही नए ढंग से फिल्म बनाकर दर्शकों को प्रभावित करने का प्रयास किया।

इस वर्ष कुछ नए चेहरे ऐसे भी रहे जिन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिल पाई। मिथुन चक्रवर्ती के पुत्र मिमोह की फिल्म 'जिमी' कब आई और कब चली गई किसी को पता ही नहीं चला। फिल्म की कहानी बेजान होने के कारण यह अपनी जगह नहीं बना पाई।

इसी तरह अनुपम खेर और किरण खेर के पुत्र सिकंदर खेर की फिल्म 'वुडस्टाक विला' और 'समर 2007' को भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। हालाँकि दोनों ही फिल्मों में सिकंदर के काम की तारीफ हुई।

टेलीविजन के चर्चित सितारे शेखर सुमन के पुत्र अध्ययन ने 'हाल ए दिल' फिल्म के जरिये दर्शकों के दिल तक पहुँचने की कोशिश की लेकिन उनकी यह कोशिश नाकामयाब रही।

हालाँकि अध्ययन भट्ट कैंप की सुपरहिट फिल्म 'राज' के सिक्वल के रूप में बनी राज 'द मिस्ट्री कांटिन्यूज' के जरिये एक बार फिर अपनी अभिनय प्रतिभा की बानगी पेश करने जा रहा है। फिल्म की हीरोइन कंगना राणावत हैं।

सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म 'कर्ज' में हिमेश रेशमिया के साथ फिल्म निर्माता इंद्रकुमार की पुत्री श्वेता कुमार ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। फिल्म चारों खाने चित हो गई और श्वेता का फिल्मी सफर शुरू होने से पहले ही रुक गया।



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