देश के जानेमाने संगीतकार (indian musician) एआर रहमान आज अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं। सुरों के बादशाह रहमान ने हिंदी को संगीत रॉकिंग और हैपनिंग बनाया। हिंदी के अलावा उन्होंने अन्य कई भाषाओं की फिल्मों में भी संगीत दिया है। टाइम्स पत्रिका ने उन्हें मोजार्ट ऑफ मद्रास की उपाधि दी।
प्रमुख फिल्में (famous movies)
रहमान के गानों की 200 करोड़ से भी अधिक रिकॉर्डिग बिक चुकी हैं। आज वे विश्व के टॉप टेन म्यूजिक कंपोजर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने तहजीब, बॉम्बे (bombay), दिल से (dil se), रंगीला (rangeela), ताल (taal), जींस (jeans), पुकार, फिजा, रंग दे बसंती, जोधा-अकबर (jodha akbar), जाने तू या जाने ना, युवराज (yuvraaz), स्लम डॉग मिलेनियर, गजनी (ghajini) जैसी फिल्मों में संगीत दिया है।
अवॉर्ड (Award )
रहमान को चार बार नेशनल फिल्म फेयर अवॉर्ड (national film fare award), छह बार तमिलनाडू स्टेट फिल्म अवॉर्ड (tamil nadu state award), मलेशियन अवॉर्ड , मॉरिशस नेशनल अवॉर्ड व पद्मश्री अवॉर्ड मिल चुके हैं। इसके अलावा 2006 में संगीत में उनके अहम योगदान के लिए स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी (stanford university) ने भी उन्हें पुरस्कृत किया है। हाल ही में रहमान को गोल्डन ग्लोब (स्लमडॉग मिलेनियर के लिए) के लिए भी नामांकित किया गया है।
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