सोना (कोंकणा सेन शर्मा) (Konkona Sen) मुंबई में फिल्म स्टार बनने का सपना लिए आती है। अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वह सब कुछ करने के लिए तैयार है। किराए के अपार्टमेंट में वह रहती है, जहाँ उसका ज्यादातर समय दोस्तों के साथ गुजरता है। उसके दोस्त भी बॉलीवुड में अपना सपना पूरा करने के लिए आए हैं।
अपनी आरामदायक जिंदगी को दिल्ली में छोड़ विक्रम (फरहान अख्तर) फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई आया है। विक्रम बेहद स्मार्ट है। कब क्या करना है ये बात अच्छी तरह जानता है। सोना और विक्रम की मुलाकात होती है और विक्रम का साथ सोना को अच्छा लगने लगता है। दोनों में रोमांटिक रिश्ता बन जाता है।
रॉली (ऋषि कपूर) एक सफल निर्माता है। वह बहुत अंधविश्वासी है और सिर्फ बड़े सितारों के साथ फिल्म बनाता है। निक्की खुराना (ईशा श्रावणी) को लेकर वह एक फिल्म बना रहा है।
18 वर्षीय निक्की 70 के दशक की सुपरस्टार नीना (डिम्पल कापडि़या) की बेटी है। रॉली की फिल्म में हीरो है ज़फर खान (रितिक रोशन) (Hritik Roshan), जो कि रॉली का प्रिय स्टार है। रॉली ने ही ज़फर को लांच किया था और उसके ही दम पर ज़फर सुपरस्टार बना।
विक्रम की किस्मत चमक उठती है, जब रॉली के सेट पर ऐसा कुछ घटता है कि विक्रम को ऑडिशन के लिए बुलाया जाता है। विक्रम इस अवसर का पूरा लाभ उठाता है।
इस फिल्म के जरिए हिंदी फिल्म जगत और उसमें काम करने वालों की जिंदगी का एक हिस्सा दिखाया गया है, जहाँ किस्मत प्रमुख भूमिका निभाती है। यहाँ अंधविश्वास और भाग्य हर किसी की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। कब क्या हो जाए इसका अनुमान लगाना कठिन रहता है।
Film Preview Is Taken From Webdunia.com.
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